॥ दोहा ॥
जय गणेश गिरिजा सुवन, मंगल मूल सुजान।
कहत कृपानिधि शनि जसु, परसत होत निदान॥
॥ चालीसा ॥
जयति जयति शनिदेव दयाला।
करत सदा भक्तन प्रतिपाला॥
चारि भुजा, तनु कृष्ण विशाल।
माथे रतन मुकुट जगमल॥
परम विशाल मनोहर भ्राता।
तृण समान प्रभु मोह निधाता॥
कुंडल श्रवण, त्रिशूल करधारी।
अभय मुद्रित सहज सुखकारी॥
काला वर्ण तामसी राजा।
नीलांबर धारि नयन अजाजा॥
कौआ वाहन, शनि महाराजा।
जगद करें सब जन पर काजा॥
ग्रहनाथ प्रभु प्रभा प्रकाशा।
मंगल करन करन उपहासा॥
जप्ते होत सुख संपत्ति नाना।
रोग दोष कर होत निबाना॥
जपहु शनि को नाम निरंतर।
करहु काज सब रहहु निसंकर॥
दोष शनि कर होत निवारन।
जपहु मनहि धरि ध्यान उचारन॥
एक बार प्रभु शनि रुष आए।
राजा विक्रम पर संकट छाए॥
भक्त विक्रम करि कृपा अपारा।
राखा शनि ने करि उर धारा॥
राजा दशरथ की कथा सुहाई।
शनि प्रभु की महिमा गाई॥
सुत हेतु राजा करी पुकारा।
शनि कृपा से संकट निहारा॥
महिमा अति अपार प्रभु तेरी।
कौन बना सके हैन घनेरी॥
जो जन नाम जपत शनि राजा।
होत न soon दुख तिन के काजा॥
जो कोई पाठ करे मन लाई।
अरथ, धर्म, सन्तति सुख पाई॥
सकल मनोरथ होत पुनि ताही।
जो शनि को रीजै मन माही॥
देव दनुज ऋषि मुनि नभचारी।
सबही करहिं विनय तुम बारी॥
काहीं प्रीति कछु काहू लिखा।
शनि सम करहिं न कोई देखा॥
जो शनि स्तुति चालीसा गावै।
सकल विपत्ति दूर करि पावै॥
कहत राम सुंदर प्रभु दासा।
सुख संपत्ति करहु नित बासा॥
॥ दोहा ॥
पाठ शनि चालीसा कर, मन इच्छित फल पाव।
सुख-शांति घर आवती, और दुख दूर भगाव॥

शनि चालीसा का महत्व
शनि चालीसा एक धार्मिक ग्रंथ है जो भगवान शनिदेव की आराधना में मदद करता है। इसे 40 श्लोकों में लिखा गया है और इसका पाठ करने से भक्तों को शनिदेव की कृपा प्राप्त होती है। शनि चालीसा का पाठ करने से जीवन में आने वाली समस्याएं दूर होती हैं और सुख-शांति की प्राप्ति होती है।
शनि चालीसा का पाठ
शनि चालीसा का पाठ सच्चे मन से तथा श्रद्धा पूर्वक किया जाता है। इसे शनिवार के दिन विशेष रूप से पढ़ने का महत्व है। भक्तों का मानना है कि जो लोग नियमित रूप से शनि चालीसा का पाठ करते हैं, उनके जीवन में सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिलते हैं। यह पाठ मानसिक तनाव और दुखों को भी कम करता है।
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शनि चालीसा का असर
भगवान शनिदेव न्याय के देवता माने जाते हैं। शनि चालीसा का पाठ करने से व्यक्ति के कार्यों में सफलता और उन्नति का मार्ग प्रशस्त होता है। इसके अलावा, इससे प्रेम, करियर और स्वास्थ्य को लेकर भी लाभ होता है। शनि चालीसा के नियमित पाठ से जीवन में समृद्धि और खुशी की भावना बढ़ती है।
